विभाग के बारे में

दृष्टिकोण

विभाग का मिशन कारगर भूमि उपयोग नीति सहित प्रभावी कृषि सुधार, और निश्‍चायक स्‍वामित्‍वाधिकार और स्‍वामित्‍व गारंटी की प्रणाली शुरू करने के उद्देश्‍य से पारदर्शी भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (एलआरएमएस) की व्यवस्था करना भी है। भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (एलआरएमएस) से समग्र देश के लिए एक सटीक भूमि सूचना प्रणाली (एलआईएस) तैयार करने का आधार मिलेगा।

मिशन

विभाग का मिशन वाटरशेड विकास कार्यक्रमों में निर्णय निर्माण में हितधारकों को शामिल करते हुए सहभागी दृष्टिकोण के माध्यम से वर्षा सिंचित कृषि योग्य और अवक्रमित भूमि का सतत विकास सुनिश्चित करना है। यह बंजर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के समन्वित प्रयास करता है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ते हैं।
विभाग का मिशन दक्ष भूमि उपयोग नीति, और निश्चायक स्वामित्वाधिकार और स्वामित्वाधिकार गारंटी की प्रणाली शुरु करने के उद्देश्य से एक पारदर्शी भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (एलआरएमएस) सहित प्रभावी कृषि सुधार लाना भी है। एलआरएमएस से समूचे देश के लिए एक सटीक एलआईएस तैयार करने का मूल आधार मिलेगा।

कार्य

भूमि संसाधन विभाग के कार्य इस प्रकार हैं:
1. राज्यों को भूमि अभिलेख प्रबंधन का आधुनिकीकरण करने और भूमि सूचना प्रणाली तैयार करने में मार्गदर्शन देना और सहयोग करना।
2. निश्चायक स्वामित्वाधिकार प्रणाली शुरु करने में राज्यों के प्रयासों में सहयोग करना।
3. भूमि अर्जन अधिनिमय, 1894 (1894 का 1) और संघ के प्रयोजनों हेतु भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों को संचालन करना।
4. विस्थापित लोगों के पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन हेतु नीति अपनाने को सुगम बनाना।
5. भूमि सुधार, भूमि काश्तकारी, भूमि अभिलेख, जोतों की चकबंदी और अन्य संबद्ध मामले।
6. वर्षा सिंचित/ अवक्रमित क्षेत्रों के विकास के लिए वाटरशेड कार्यक्रम का कार्यान्वयन।
7. वर्षा सिंचित/ अवक्रमित क्षेत्रों के विकास के लिए वाटरशेड कार्यक्रम का कार्यान्वयन।
8. देश में मौजूदा जैव ईंधन खेती का मूल्यांकन और मूल्यांकन के परिणाम के आधार पर जैव ईंधन मिशन के प्रदर्शन चरण को शुरु करना।

उद्देश्य

विभाग के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
1. एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन की प्रक्रिया के माध्यम से वर्षा सिंचित /अवक्रमित भूमि की उत्पादकता बढ़ाना;
2. निश्चायक स्वामित्वाधिकार प्रणाली शुरु करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (एनएलआरएमपी) के कार्यान्वयन में राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों को सहायता करना और एलआईएस तैयार करने के लिए आधारशिला रखना;
3. भूमि सुधारों और भूमि से संबंधित अन्य मामलों जैसे भूमि अर्जन अधिनियम, 1894, राष्ट्रीय पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन नीति, 2007, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 आदि का संचालन; और
4. देश में पहले से चालू पौधरोपण के मूल्यांकन के आधार पर मुख्य रूप से बंजर भूमि पर जैव ईंधन पौधरोपण के प्रसार के साथ राष्ट्रीय जैव ईंधन प्रदर्शन चरण मिशन शुरु करना।

कार्यालय की अवस्थिति

कार्यालय स्थान
क्र.सं. अवस्थिति प्रभाग
1 भूमि संसाधन विभाग,
एनबीओ बिल्डिंग, जी-विंग,
निर्माण भवन,
मौलाना आजाद रोड,
नई दिल्ली- 110011, भारत
भूमि विनियमन प्रभाग,
प्रशासन अनुभाग,
समेकित वित्त प्रभाग
2 भूमि संसाधन विभाग,
छठां तल, ब्लॉक-11,
सीजीओ कॉम्पलैक्स,
लोधी रोड,
नई दिल्ली – 110003 भारत
वाटरशेड प्रबंधन प्रभाग,
भूमि आर्थिक प्रभाग,
नीरांचल बायो डीजल ईटी,
बायो डीजल, नीरांचल